" असफलता का कारण " उस दिन हम सब भाई-बहन जाश्न में डूबे हुए थे मौका था. शादी का. सभी रिश्तेदार औप परिवार वाले एक साथ इकट्ठा हुए थे। हम 8-10 भाई बहन बरसों बाद मिले थे तो गांव घूमने निकाल गये। झुनझुन भईया जो उम्र में हमलोगों से काफी बड़े हैं.. उन्होंने अपने एक बचपन के दोस्त के बारे में बताया और हम सब उनके यार से याराना करने पहुंच गए । उनके घर गए तो वो कहीं बाहर गए हुए थे उनकी मां थी.. जिनका काफी उम्र हो गई थी, वो समझ नहीं पा रही थीं इतने लोगों को देख को वो खुश हो या चिन्तित ....... थोड़ी बात-चीत हुई तभी मेरे करन के अर्जुन मतलब भईया के दोस्त साहब आ गए. और बात-चीत का सिलसिला शुरू हुआ , हम सबको जो वो देखे नहीं थे अचानक से इतने बड़े देख के बहुत खुश हुए, सबने अपने बारे में बारी-बारी से बताया. जैसे किसी की शादी होने वाली है , किसी की हो गई, कोई बच्चे वाला है तो कोई जॉब कर रहा है तो कोई अभी 10वीं क्लास में हैं ...... अब सब कुछ अच्छे से चल रहा था कि अचानक से बात किसी और टॉपिक पर पहुंच गई और अब तक जो सब लोग मस्त मिजाज थे उनके चेह...